ईरान में भड़के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन, ट्रंप की चेतावनी से सरकार पर बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव
International Desk | SabkaMedia.com | जनवरी 2026


ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान राजधानी तेहरान में प्रदर्शनकारी — फोटो: AI Generated
ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े जन आंदोलनों में से एक का सामना कर रहा है। राजधानी तेहरान से लेकर देश के दर्जनों शहरों तक लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। विरोध प्रदर्शनों का दायरा इतना बड़ा हो गया है कि प्रशासन के लिए हालात संभालना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
तेहरान में गुरुवार रात हजारों लोग सड़कों पर दिखाई दिए। दिलचस्प बात यह रही कि राजधानी में सुरक्षा बल अपेक्षाकृत संयमित नजर आए। कई इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सीधे टकराव से बचते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव, खासकर अमेरिका की चेतावनी के कारण सरकार तेहरान में किसी बड़े रक्तपात से बच रही है।
हालांकि राजधानी से बाहर हालात काफी भयावह हैं। इलाम, केरमानशाह और लोरेस्तान जैसे प्रांतों से आई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सुरक्षा बलों ने सीधे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार अब तक 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
ट्रंप की चेतावनी ने बदला खेल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। एक रेडियो इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान को “बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी” अगर उसने पहले की तरह बल प्रयोग किया।
“अगर ईरान ने फिर से बड़े पैमाने पर लोगों को मारा, तो वह बहुत गंभीर परिणाम भुगतेगा।”
यही कारण माना जा रहा है कि तेहरान में सरकार बेहद सावधानी से कदम उठा रही है। राजधानी में खून-खराबे की तस्वीरें सामने आने से अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप का खतरा बढ़ सकता है।
खामेनेई का सख्त रुख
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन प्रदर्शनों को विदेशी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अमेरिका को खुश करने के लिए देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
- प्रदर्शन को विदेशी हस्तक्षेप बताया गया
- सरकार के पीछे पूरी सुरक्षा मशीनरी खड़ी
- IRGC और बसीज मिलिशिया को अलर्ट पर रखा गया
आगे क्या होगा?
सरकार फिलहाल समय खरीदने की रणनीति अपना रही है — राजधानी में नरमी और बाकी इलाकों में सख्ती। लेकिन जनता का गुस्सा थमने के बजाय और तेज होता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यह संकट ईरान के राजनीतिक भविष्य को नई दिशा दे सकता है।
ईरान एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। ट्रंप की चेतावनी और जनता का उबाल मिलकर सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं।
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